यह गीत एक मध्यवर्गीय लड़के की प्रेरणादायक और शक्तिशाली कहानी को दर्शाता है। यह गीत हमें यह प्रेरित करता है कि हम अपनी मेहनत और संघर्ष के माध्यम से किसी भी परिस्थिति को पार कर सकते हैं। जीवन में कठिनाइयों के बावजूद हमें अपने सपनों का पीछा करते रहना चाहिए।
वर्स 1:
छोटी सी गली में, बड़े बड़े ख्वाब,
हर दिन की मेहनत, ख़ुद को दिया है जवाब।
माँ की ममता और पिताजी का प्यार,
सपनों की उड़ान का वो पहला इशारा।
चुरायें जो पल, वो चुरायें जो दिन,
कबाड़ में मंच को बनाए, हो सच्चा अपने हौसले का नज़ारा।
कोरस:
सपनों की उड़ान, कभी नहीं रुकेगी,
मेहनत की जो रोटी को, दुनिया सजेगी।
कभी ना डरें हार से, कभी ना हो उदास,
आगे बढ़ते रहें, हम सभी एक साथ।
वर्स 2:
कभी बारिश में भीगते, कभी धूप में तपते,
मध्यमवर्गीय जीवन, पर हौंसले को जगाते।
तलाश में नयी राहें, उस एक सुनहरे दिन की,
खुद पर विश्वास, कभी न होर ही पीछे।
कोरस:
सपनों की उड़ान, कभी नहीं रुकेगी,
मेहनत की जो रोटी को, दुनिया सजेगी।
कभी ना डरें हार से, कभी ना हो उदास,
आगे बढ़ते रहें, हम सभी एक साथ।
ब्रिज:
जब चुनौतियाँ आएं, हम झुकेंगे नहीं,
जब मुश्किलें आएंगी, हम टूटेंगे नहीं।
सपनों का ये सफर, हमें ले जाएगा,
इंसानियत का ये फूल, हर मन को महकाएगा।
कोरस:
सपनों की उड़ान, कभी नहीं रुकेगी,
मेहनत की जो रोटी को, दुनिया सजेगी।
कभी ना डरें हार से, कभी ना हो उदास,
आगे बढ़ते रहें, हम सभी एक साथ।
आउट्रो:
हर एक कदम पर, हंसते हंसते चलें,
मध्यमवर्गीय संघर्ष की कहानी खुद लिखें।
सपनों की उड़ान, अब हो चुकी शुरू,
हम उठाएंगे हाथ, दिल में हो भरोसा पूर्ण।
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Motivational powerful story of middle class boy and Hindi
Vijay